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4 days ago
BIHAR

BIHAR में गृह विभाग संभालते ही एक्शन में सम्राट चौधरी, बेगूसराय में STF और पुलिस की बड़ी कामयाबी, कुख्यात आरोपी शिवदत्त राय गिरफ्तार

बिहार में नई सरकार के गठन के तुरंत बाद पुलिस और STF ने अपराधियों के खिलाफ कमर कस ली है। बेगूसराय जिले में STF और स्थानीय पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में कुख्यात अपराधी शिवदत्त राय को मुठभेड़ में घायल कर गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के शालिग्राम–मल्हीपुर दियारा इलाके में हुई, जिसे लंबे समय से अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना माना जा रहा था।STF को गुप्त सूचना मिली थी कि फरार बदमाश शिवदत्त राय हथियार खरीदने मल्हीपुर के आसपास पहुंचा हुआ है। सूचना मिलते ही STF की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय थाना को भी तुरंत अलर्ट किया गया। संयुक्त टीम जब दियारा इलाके में पहुंची तो दो बाइकों पर सवार छह अपराधियों ने अचानक पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसके दौरान एक गोली शिवदत्त राय की जांघ में लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा। उसके बाकी साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। घायल अपराधी को पुलिस हिरासत में बेगूसराय सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा

शिवदत्त की गिरफ्तारी के बाद जब STF और पुलिस ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो एक घर से मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ।यहां से पुलिस ने देसी कार्बाइन, दो मैगजीन,पांच खोखा और दो जिंदा कारतूस,भारी मात्रा में कफ सिरप और नकदी बरामद की।पुलिस ने शिवदत्त राय के साथ दो अन्य अपराधियों को भी गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

सरपंच के बेटे के मर्डर का आरोपी था शिवदत्त

शिवदत्त राय (27) तेघड़ा थाना क्षेत्र के बनहारा गांव का रहने वाला है।2 सितंबर 2022 को धनकौल पंचायत की सरपंच मीना देवी के घर पर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। इसी घटना में उनके छोटे बेटे अवनीश की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि बड़ा बेटा रजनीश गंभीर रूप से घायल हुआ था। लूटपाट का विरोध करने पर यह हत्या हुई थी। इस मामले में शिवदत्त और उसके गिरोह के खिलाफ नामजद FIR दर्ज हुई थी।करीब एक साल पहले उसे गाजियाबाद से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन दो महीने पहले वह जमानत पर बाहर आया और फिर फरार हो गया था। तब से STF उसकी तलाश में थी।

नई सरकार-नया एक्शन

बिहार में लगभग 20 वर्षों बाद पहली बार गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास नहीं है। नई सरकार में गृह विभाग की कमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को दी गई है और उनके पदभार संभालते ही पुलिस-प्रशासन एक्शन मोड में दिख रहा है।शनिवार को बीजेपी ऑफिस पहुंचे सम्राट चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में सुशासन और मजबूत होगा। अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। पुलिस को खुली छूट दी गई है। जिस जंगलराज को खत्म किया गया था, वह अब वापस नहीं आएगा।

नई सरकार के गठन के बाद STF और पुलिस की यह पहली संयुक्त बड़ी कार्रवाई है, जिसने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में अपराधियों पर शिकंजा और ज्यादा कसा जाएगा। बेगूसराय की मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ और कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि प्रशासन अब सख्त मोड में है।

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