बिहार में नई NDA सरकार बनने के दो दिन के भीतर ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 20 साल से चले आ रहे उनके सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड को खाली करने का आदेश जारी कर दिया गया है। भवन निर्माण विभाग ने उन्हें नोटिस भेजकर 3 महीने के भीतर घर खाली करने को कहा है। इसके साथ ही लालू परिवार को नया आवास भी अलॉट कर दिया गया है हार्डिंग रोड स्थित आवास संख्या 39। सरकारी आदेश सामने आते ही लालू परिवार समेत विपक्ष पूरी तरह हमलावर हो गया है। रोहिणी आचार्या से लेकर तेजप्रताप और तेजस्वी यादव तक सभी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को निशाने पर लिया है।

नीतीश सरकार की वापसी और साथ ही तेज फैसले
बिहार में नीतीश कुमार ने दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 26 विधायकों को मंत्री बनाया गया, विभाग बंटे, और 1 दिसंबर को सभी विधायकों के शपथ ग्रहण का कार्यक्रम तय किया गया। इसी बीच सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश देने वाला फैसला आया राबड़ी देवी को उनका ऐतिहासिक सरकारी आवास खाली करने का नोटिस।भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में लिखा है कि“नेता प्रतिपक्ष, बिहार विधान परिषद के आवासन हेतु पटना केन्द्रीय पूल का आवास संख्या-39, हार्डिंग रोड, पटना कर्णांकित किया जाता है।”इसका मतलब साफ है कि अब राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड छोड़कर हार्डिंग रोड स्थित नए आवास में जाना होगा।
लालू परिवार का निशाना
राबड़ी देवी को नोटिस भेजे जाने के बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्या बुरी तरह भड़क गईं। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि“सुशासन बाबू का विकास मॉडल।क़रोड़ों लोगों के मसीहा लालू प्रसाद यादव का अपमान करना पहली प्राथमिकता।घर से तो निकाल देंगे, जनता के दिल से कैसे निकालिएगा?” उनकी यह पोस्ट वायरल हो गई है।
तेजप्रताप यादव को भी घर खाली करने का आदेश
राबड़ी देवी के बाद तेज प्रताप यादव को भी भवन निर्माण विभाग ने नोटिस जारी कर दिया है।तेजप्रताप महुआ विधानसभा से चुनाव हार चुके हैं, इसलिए अब वे MLA कोटे पर दावा नहीं कर सकते। उनका आवास 26 एम स्ट्रैंड रोड अब मंत्री लखेंद्र कुमार रोशन को आवंटित कर दिया गया है।तेजप्रताप ने अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि “28 साल पुराने नैतिक रिश्ते का अंत हो गया। नीतीश कुमार इतिहास में बदनामी लेकर जाएँगे।”

तेजस्वी यादव के नाम से वायरल पोस्ट
सोशल मीडिया पर तेजस्वी यादव के हैंडल से एक पोस्ट वायरल है, जिसकी सत्यता की जांच अभी जारी है। लेकिन उसमें नीतीश कुमार पर बेहद कड़े शब्दों में हमला किया गया है।“छोटे भाई ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बड़े भाई के बंगले को खाली करने का आदेश दे दिया।28 वर्ष का संबंध एक नोटिस ने खत्म कर दिया।इतिहास दोनों हाथों में कालिख लिए नीतीश कुमार का इंतजार कर रहा है।”
क्या है असली वजह?
राबड़ी देवी अब बिहार विधान परि षद (MLC) में नेता प्रतिपक्ष हैं।उन्हें नए पद के अनुसार नया आवास दिया गया है।इसलिए 10 सर्कुलर रोड खाली करने को कहा गया है। तेज प्रताप यादव अब विधायक नहीं हैं, इसलिए MLA कोटे का आवास वापस ले लिया गया है।
राबड़ी देवी के सरकारी आवास का विवाद बिहार की राजनीति में नया तूफ़ान ला चुका है। लालू परिवार इसे “राजनीतिक बदले” की कार्रवाई बता रहा है, जबकि नीतीश सरकार इसे “नियम के अनुसार आवश्यक कदम” कह रही है।आने वाले दिनों में NDA सरकार और RJD के बीच बयानबाजी और तेज होने की पूरी संभावना है।










