बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से ठीक एक दिन पहले एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। मौलवीबाजार जिले के कमलगंज उपजिला स्थित चंपारा चाय बागान से 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार का शव बरामद किया गया है। इस घटना के बाद स्थानीय क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल पैदा हो गया है, खासकर अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के बीच चिंता बढ़ गई है।
हाथ-पैर बंधे मिले, शरीर पर गंभीर चोटों के निशान
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने पुष्टि की है कि मृतक के हाथ-पैर बंधे हुए थे और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के कई निशान पाए गए हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई हो सकती है।
सुबह करीब 10 बजे चाय बागान के मजदूरों ने बागान के एक हिस्से में खून से लथपथ शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कमलगंज पुलिस स्टेशन की टीम ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
कमलगंज पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी अब्दुल अवाल ने बताया कि मृतक की पहचान रतन साहूकार के रूप में हुई है, जो इसी चाय बागान में कार्यरत था और इस्लामपुर यूनियन का निवासी था। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि युवक को बुरी तरह पीटा गया था।
परिवार का दर्द, “किसी से दुश्मनी नहीं थी”
रतन के बड़े भाई लक्ष्मण कर ने बताया कि रतन पिछली रात घर नहीं लौटा था। परिवार के लोग पूरी रात उसकी तलाश करते रहे। सुबह जब गांव में लाश मिलने की सूचना मिली, तब परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और शव की पहचान की।
भावुक लक्ष्मण कर ने कहा,
“हमें नहीं पता उसे क्यों मारा गया। उसकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। वह रोज काम पर जाता था और शाम को घर लौट आता था।”
परिवार ने किसी पर सीधे तौर पर शक नहीं जताया है, लेकिन हत्या के तरीके को देखते हुए इसे सामान्य विवाद का मामला मानना मुश्किल बताया है।

चुनावी माहौल में बढ़ी संवेदनशीलता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब देश पहले से ही चुनावी तनाव के दौर से गुजर रहा है। हालांकि अभी तक हत्या को सीधे तौर पर चुनावी हिंसा से जोड़ने का कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है, लेकिन समय और परिस्थितियों के कारण मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
कुछ स्थानीय लोगों का दावा है कि संभव है हत्या कहीं और की गई हो और शव को चाय बागान में फेंका गया हो। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस जांच जारी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस ने शव को मौलवीबाजार सदर अस्पताल भेज दिया है, जहां पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण, समय और संभावित हथियार के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल पाएगी।
पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है।
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि चुनावी समय में संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम जरूरी हैं।
सरकार की ओर से कहा गया है कि देश में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए गए हैं।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
रतन साहूकार की हत्या के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। यह व्यक्तिगत रंजिश, आर्थिक विवाद या अन्य किसी वजह से जुड़ा मामला हो सकता है। फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
लेकिन इस घटना ने स्थानीय स्तर पर भय और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है। रतन का परिवार न्याय की मांग कर रहा है और चाहता है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए।
चुनाव लोकतंत्र का उत्सव माना जाता है, लेकिन जब इसके आसपास हिंसा और भय का माहौल बनता है, तो यह चिंता का विषय बन जाता है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं।










