Hormuz संकट से मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव अब समुद्री मार्गों तक पहुंच गया है। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने दावा किया है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पास उसके दो ऑयल टैंकरों पर मिसाइल हमला किया गया, जिससे दोनों जहाजों को नुकसान पहुंचा। इस घटना में एक भारतीय क्रू सदस्य की मौत होने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, इस दावे पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ओमान की खाड़ी के निकट स्थित स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया गया। बताया गया है कि ‘मोम्बासा’ नामक टैंकर पर तैनात एक भारतीय क्रू सदस्य की हमले में मौत हो गई, जबकि आठ अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाई का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, शिपिंग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इस घटना के बाद समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है। इसी बीच यमन से सऊदी अरब के आभा एयरपोर्ट की दिशा में कई मिसाइलें दागे जाने की खबरें भी सामने आई हैं। सऊदी अरब के असीर क्षेत्र में धमाकों की आवाजें सुनाई देने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए कई देशों ने हालात पर करीबी नजर बनाए रखी है। मध्य पूर्व की स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी देखने को मिल सकता है।

यमन ने जारी की चेतावनी

मध्य पूर्व में जारी सैन्य तनाव के बीच यमन के हूती समूह ने सभी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र से उड़ान नहीं भरने की चेतावनी दी है। हूती संगठन का कहना है कि वह सऊदी अरब की ओर से जारी सैन्य कार्रवाई और नाकेबंदी का लगातार जवाब देता रहेगा। इस बयान के बाद क्षेत्र में हवाई सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि हुदैदाह एयरपोर्ट पर बमबारी के दौरान यमन पहुंचा एक ईरानी विमान सुरक्षित तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लौट आया। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के सुरक्षित लौटने के बाद पायलट और चालक दल का स्वागत किया गया। हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग दावे सामने आ रहे हैं। इस बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर भी वैश्विक स्तर पर चिंता बनी हुई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारों में शामिल है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य संघर्ष या अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार को प्रभावित कर सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच हाल के दिनों में बढ़े तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। दोनों देशों के बीच लगातार जवाबी कार्रवाइयों की खबरों के बाद कई देशों ने अपने नागरिकों, जहाजों और एयरलाइंस के लिए अतिरिक्त सुरक्षा सलाह जारी की है। क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। यदि मौजूदा तनाव लंबा खिंचता है, तो इसका असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास तनाव कम करने में कितने सफल होते हैं।

यमन से सऊदी अरब कतरफ मिसाइलों के दागे जाने की सूचनाओं ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है। सऊदी अरब के असीर क्षेत्र में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके चलते सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। इन घटनाओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। यमन के हूती समूह ने अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में उड़ान संचालन के बारे में चेतावनी दी है। समूह का कहना है कि वह क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों का लगातार जवाब देगा। इस चेतावनी के बाद कई एयरलाइंस ने अपनी उड़ानों के रूट की समीक्षा शुरू कर दी है। दूसरी तरफ, ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि यमन से लौटने वाला एक ईरानी विमान सुरक्षित तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवई अड्डे पर पहुंच गया। रिपोर्ट के अनुसार, विमान के सुरक्षित लौटने पर पायलट और चालक दल का स्वागत किया गया। इस मामले को लेकर भी भिन्न-भिन्न दावे किए जा रहे हैं। यदि हॉर्मुज क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो इसका प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक शिपिंग लागत और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। कई देशों की अर्थव्यवस्था ऊर्जा आपूर्ति के लिए इस समुद्री मार्ग पर निर्भर है, इसलिए स्थिति पर पूरी दुनिया की नजर है। क्षेत्र की स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। विभिन्न देशों की सरकारें लगातार घटनाक्रम पर निगरानी रख रही हैं। यूएई के हमलों के संबंध में दावों और अन्य सैन्य गतिविधियों की स्वतंत्र पुष्टि एवं आधिकारिक प्रतिक्रियाओं का इंतज़ार किया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका और कूटनीतिक प्रयास महत्वपूर्ण बने रहेंगे।
Exit mobile version