अफगानिस्तान के उत्तरी हिस्से में सोमवार तड़के 6.3 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने मजार-ए-शरीफ और आसपास के इलाकों में भारी तबाही मचाई। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र खुल्म शहर से 22 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम और जमीन से 28 किलोमीटर की गहराई में था। इस भूकंप के झटकों का असर हजारों लोगों की जान और संपत्ति पर पड़ा।बताया जा रहा है कि भूकंप के कारण अब तक स्वास्थ्य 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं।घायलों को नजदीकी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है।
मजार-ए-शरीफ में भूकंप का असर
भूकंप का सबसे अधिक असर मजार-ए-शरीफ पर देखा गया। इस शहर की प्रसिद्ध नीली मस्जिद, जिसे ‘रौज़ा मुबारक’ या हज़रत अली की दरगाह के नाम से जाना जाता है, भी भूकंप से क्षतिग्रस्त हुई। इस ऐतिहासिक मस्जिद की सजावटी टाइलें और ईंटें गिर गईं, और आसपास का क्षेत्र मलबे से भर गया। हज़रत अली की मजार इस्लामी दुनिया में श्रद्धा का महत्वपूर्ण केंद्र मानी जाती है, और हर साल लाखों श्रद्धालु यहाँ जियारत के लिए आते हैं। सोशल मीडिया पर इस ऐतिहासिक स्थल के पुनर्निर्माण और सुरक्षा की अपील कर रहे हैं।
भूकंप की तीव्रता और चेतावनी
USGS ने इस भूकंप के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो ‘महत्वपूर्ण मानव और आर्थिक क्षति’ की चेतावनी देता है। रिपोर्ट के अनुसार, यह भूकंप क्षेत्रीय आपदा में बदल सकता है और राष्ट्रीय स्तर पर राहत अभियान की आवश्यकता होगी।भारतीय नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस भूकंप से पहले और बाद में कुल दो झटके महसूस किए गए। पहला झटका रविवार, 2 नवंबर 2025 की रात 20:40:52 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.9 मापी गई। इसके पांच घंटे के भीतर दूसरा, अधिक शक्तिशाली 6.3 तीव्रता का भूकंप आया।
अफगानिस्तान में भूकंप आम हैं, खासकर हिंदू कुश पर्वत श्रृंखला के पास, जहां यूरेशियन और भारतीय टेक्टोनिक प्लेटें आपस में मिलती हैं। इस साल अगस्त में अफगानिस्तान में आए 6.0 तीव्रता के भूकंप में 2,200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अक्टूबर 2023 में पश्चिमी अफगानिस्तान में आए 6.3 तीव्रता के भूकंप में 2,000 से अधिक लोगों की जान गई थी।
प्रभावित इलाके और राहत अभियान
अफगानिस्तान के समनगान, बल्ख और मनगान प्रांत के कई गांवों में भारी नुकसान की खबरें हैं। स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियां मलबे में फंसे लोगों को बचाने के लिए कार्यरत हैं। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में राहत अभियान को और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान, भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता मिल सके।महाराष्ट्र, काबुल और आसपास के क्षेत्रों के निवासियों ने सोशल मीडिया पर भूकंप के वीडियो और तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें इमारतों के क्षतिग्रस्त होने और सड़क पर मलबा बिखरे होने के दृश्य देखे जा सकते हैं।