पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक बार फिर सुरक्षा हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। सोमवार को अज्ञात बंदूकधारियों ने अलग-अलग घटनाओं में दो पुलिसकर्मियों की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटनाएं साउथ वजीरिस्तान से सटे टैंक जिले में हुईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल फैल गया है।स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहली घटना में सहायक उप निरीक्षक (ASI) मुमताज अली को निशाना बनाया गया। वह लक्की मरवत जिले में अपने पैतृक गांव से ड्यूटी पर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने उन पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गंभीर रूप से घायल मुमताज अली की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

दूसरी घटना और भी ज्यादा सनसनीखेज बताई जा रही है। कांस्टेबल सज्जाद हुसैन को टैंक जिले के शाह आलम रोड से अज्ञात हमलावरों ने अगवा कर लिया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने सज्जाद हुसैन को जबरन एक वाहन से उतारा और बाद में उनकी बेरहमी से हत्या कर दी। कुछ समय बाद उनका शव बरामद किया गया, जिससे पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश फैल गया।पुलिस ने दोनों घटनाओं को टारगेट किलिंग करार दिया है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों ने योजनाबद्ध तरीके से पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। घटनाओं के बाद टैंक जिले और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने कई संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की है और सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।

पाकिस्तान सरकार का आरोप है कि इन हमलों के पीछे प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का हाथ हो सकता है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नवंबर 2022 में सरकार और TTP के बीच संघर्षविराम खत्म होने के बाद से खैबर पख्तूनख्वा और पूर्ववर्ती कबायली इलाकों में आतंकी हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। खासकर पुलिस और सुरक्षा बलों को बार-बार निशाना बनाया जा रहा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन घटनाओं से यह साफ होता है कि क्षेत्र में आतंकवादी नेटवर्क अब भी सक्रिय हैं और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बने हुए हैं। स्थानीय लोगों में भी बढ़ती हिंसा को लेकर डर और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयासों में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का दावा है कि दोषियों को जल्द ही पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि इलाके में कानून-व्यवस्था बहाल की जा सके।










