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Uttar Pradesh

UP राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले डॉ रामविलास दास वेदांती का हुआ निधन,77 वर्ष की उम्र में MADHYA PRADESH में ली अंतिम सांस

राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, प्रखर संत एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती महाराज का सोमवार सुबह निधन हो गया। वे 77 वर्ष के थे। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से संत समाज, रामभक्तों और सनातन संस्कृति से जुड़े संगठनों में गहरा शोक व्याप्त है।

कथा महोत्सव के दौरान बिगड़ी तबीयत

मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. वेदांती महाराज रीवा जिले के भठवा गांव में कथा महोत्सव में प्रवचन दे रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द, ब्लड प्रेशर बढ़ने और चेस्ट इंफेक्शन की शिकायत के बाद उन्हें तुरंत रीवा के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताते हुए भोपाल एयरलिफ्ट करने की तैयारी की, लेकिन खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के कारण यह संभव नहीं हो सका। इलाज के दौरान सोमवार सुबह उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया, जिसके बाद उनका निधन हो गया।

राम मंदिर आंदोलन में निभाई ऐतिहासिक भूमिका

डॉ. रामविलास दास वेदांती 1990 के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संतों में शामिल रहे। वे महंत अवैद्यनाथ और रामचंद्र परमहंस जैसे संतों के साथ आंदोलन की अगुवाई करने वाले प्रमुख चेहरों में थे।1992 में अयोध्या में कारसेवकों को संबोधित करने वाले प्रमुख संतों में भी उनका नाम रहा। उनके ओजस्वी भाषणों ने आंदोलन को नई दिशा दी।

दो बार रहे सांसद 

डॉ. वेदांती ने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई।1996 में मछलीशहर लोकसभा सीट और 1998 में प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से सांसद रहे।संसद में रहते हुए भी उन्होंने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और सनातन मूल्यों की आवाज बुलंद की।

मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. वेदांती के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा किश्री राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख स्तंभ, पूर्व सांसद एवं अयोध्या धाम स्थित वशिष्ठ आश्रम के पूज्य संत डॉ. रामविलास वेदांती जी महाराज का गोलोकगमन आध्यात्मिक जगत और सनातन संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति है। उनका त्यागमय जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा है।

अयोध्या में होगा अंतिम संस्कार

निधन के बाद उनका पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम भेजा गया, जहां श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके बाद पार्थिव देह को अयोध्या ले जाया जाएगा।मंगलवार सुबह 10:00 बजे अयोध्या में उनकी अंतिम यात्रा निकाली जाएगी। अंतिम संस्कार वैदिक विधि-विधान से किया जाएगा।

डॉ. रामविलास दास वेदांती महाराज का निधन राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के धार्मिक इतिहास के लिए एक युग का अंत माना जा रहा है।

 

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