बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा भूचाल ला दिया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने शुक्रवार (14 नवंबर) को धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए न केवल सत्ता बरकरार रखी, बल्कि ऐतिहासिक सीटें जीतकर अपनी ताक़त कई गुना बढ़ा ली।
इस जीत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अदम्य राजनीतिक कद को एक बार फिर स्थापित कर दिया है। वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी राजद (RJD) को करारी हार का सामना करना पड़ा है।
NDA की लैंडस्लाइड जीत: 200 पार का सपना पूरा
244 सदस्यीय बिहार विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटों की आवश्यकता होती है, लेकिन NDA ने 200 से अधिक सीटें जीतकर तीन-चौथाई बहुमत हासिल किया।
- BJP – 89 सीटें (2020 में 74)
- JDU – 85 सीटें (2020 में 43)
- LJP (Ram Vilas) – 19 सीटें
- अन्य सहयोगी – शेष सीटें
यह प्रदर्शन NDA के लिए 2010 के चुनावों के बाद सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है, जिसने सभी एग्ज़िट पोल्स की भविष्यवाणियों को पीछे छोड़ दिया।
पीएम मोदी का बड़ा बयान – “महिला-युवा (MY) फॉर्मूला जीता”
जीत के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा:
“बिहार की जनता ने इस भारी बहुमत और अटूट विश्वास से राज्य में गर्दा उड़ा दिया। यह नई ‘MY – महिला और युवा’ की जीत है। जंगलराज वालों का पुराना MY (मुस्लिम-यादव) फॉर्मूला खत्म हो गया है।”
मोदी ने इसे सुशासन, विकास और सुरक्षा की जीत बताया।
जनविश्वास और प्रशासनिक अनुभव के बल पर एक बार फिर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
नीतीश कुमार फिर बने मुख्यमंत्री
नीतीश कुमार ने वरिष्ठता, यह मुख्यमंत्री के रूप में जो अपने आप में एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड है।
नीतीश ने कहा कि वे बिहार के विकास को अगले स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और NDA एकजुट होकर जनता के हर वादे को पूरा करेगा।
महागठबंधन को तगड़ा झटका — RJD और कांग्रेस बुरी तरह गिरीं
चुनाव परिणामों ने महागठबंधन के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
- RJD – केवल 25 सीटें (2020 में 75)
- कांग्रेस – सिर्फ 6 सीटें (2020 में 19)
राजद के प्रमुख चेहरे तेजस्वी यादव ने हालांकि राघोपुर सीट बचा ली, लेकिन उनका गठबंधन पूरे राज्य में हाशिए पर चला गया।
तेजप्रताप यादव के लिए भी चुनाव बेहद खराब रहा—वे महुआ सीट पर तीसरे स्थान पर रहे।
चिराग पासवान की पार्टी का शानदार प्रदर्शन — 19 सीटें
LJP (रामविलास) ने 29 सीटों पर चुनाव लड़ा और 19 सीटें जीतकर बड़ा प्रभाव दिखाया।
नीतीश कुमार पर पहले तंज कसने वाले चिराग ने इस बार उन्हें “बिहार की आवश्यकता” और “राजनीतिक सहनशक्ति का पाठ” बताया।
चिराग ने एनडीए की जीत के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया और कहा:
“हम बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट के संकल्प को और तेजी देंगे।”
कौन-कौन बड़े चेहरे जीते?
- तेजस्वी यादव (RJD) – राघोपुर
- सम्राट चौधरी (BJP) – तारापुर
- मैथिली ठाकुर (BJP) – अलीनगर
- देवांती देवी (BJP) – नरपतगंज
- शत्रुघ्न उर्फ खेसारी लाल यादव (RJD) – चपरा में हार
- छोटी कुमारी (BJP) – चपरा से बड़ी जीत
इस बार NDA क्यों जीता? 5 बड़े कारण
- महिलाओं पर केंद्रित योजनाएँ – हर घर नल का जल, पोषण, स्वास्थ्य, एलपीजी
- युवा वोटर्स का रुझान
- PM मोदी की लोकप्रियता और नीतीश का विश्वास
- वोटों का मजबूत कॉम्बिनेशन और सामाजिक समीकरण
- कमजोर विपक्ष और गठबंधन की विफल रणनीति
बिहार ने NDA पर दोबारा भरोसा जताया
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने यह साफ संकेत दिया है कि राज्य की जनता स्थिरता, विकास और सुशासन चाहती है।
NDA की ऐतिहासिक जीत ने आने वाले वर्षों के लिए बिहार की राजनीति की दिशा तय कर दी है।
नीतीश कुमार और पीएम मोदी की जोड़ी एक बार फिर जनता की उम्मीदों का केन्द्र बनी है, और अब सबकी निगाहें आने वाले 5 वर्षों की विकास योजनाओं पर होंगी।









