बांग्लादेश की राजधानी ढाका एक बार फिर हिंसा की चपेट में है। आज गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे, प्रदर्शनकारियों ने अवामी लीग के केंद्रीय मुख्यालय में भीषण आग लगा दी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 10 से 15 प्रदर्शनकारी इमारत में घुसे और चौथी मंजिल पर लकड़ियां, पेपर कार्टन और अन्य ज्वलनशील सामान इकट्ठा कर आग लगा दी। आगजनी के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।इससे पहले 5 अगस्त 2024 को भी अवामी लीग के इसी मुख्यालय में आग लगाई गई थी, जब शेख हसीना की सरकार का तख्तापलट हुआ था। उस समय भी प्रदर्शनकारी भीड़ ने पार्टी कार्यालय और सरकारी इमारतों को निशाना बनाया था।गौरतलब है कि अगस्त 2024 में हुए सैन्य और जनविद्रोह के बाद से ही अवामी लीग को प्रतिबंधित (बैन) किया जा चुका है।
शेख हसीना के खिलाफ फैसला 17 नवंबर को
बांग्लादेश की इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) ने गुरुवार को ऐलान किया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ दर्ज मानवता के विरुद्ध अपराध के मामले में 17 नवंबर (सोमवार) को फैसला सुनाएगा।यह वही मामला है जिसमें हसीना पर जुलाई 2024 के छात्र आंदोलन के दौरान 1400 से अधिक लोगों की हत्या और अपहरण के मामले में केस दर्ज किया गया था। सरकारी वकील गाजी मुनव्वर हुसैन तमीम ने बताया कि हसीना के खिलाफ पांच प्रमुख आरोप साबित हुए हैं और उनके लिए फांसी की सजा की मांग की गई है। अदालत परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और पुलिस व सेना की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

फैसले से पहले अवामी लीग ने गुरुवार को राष्ट्रव्यापी बंद (लॉकडाउन) का ऐलान किया।इसके जवाब में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतर आए। कई जगहों पर प्रदर्शन, झड़पें और जुलूस देखने को मिले। कई जिलों में सड़कें जाम हैं और आवाजाही ठप है।देश में इतने तनाव को देखते हुए देश के एयरपोर्ट्स, बंदरगाहों और अहम सरकारी इमारतों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
5 अगस्त 2024: जब गिरी थी हसीना सरकार
बांग्लादेश में छात्र आरक्षण (कोटा) प्रणाली को लेकर भड़का आंदोलन ही इस पूरे संकट की जड़ बना।5 जून 2024 को बांग्लादेश हाईकोर्ट ने सरकारी नौकरियों में 30% कोटा स्वतंत्रता सेनानियों के परिवारों के लिए बहाल किया था।हसीना सरकार ने पहले इस व्यवस्था को खत्म किया था, जिसके विरोध में देशभर के छात्र सड़कों पर उतर आए।हिंसा और पुलिस फायरिंग में सैकड़ों लोगों की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए।5 अगस्त 2024 को प्रदर्शनकारियों ने हसीना के सरकारी आवास पर हमला किया, जिसके बाद वे भारत भाग आईं।इसी दिन हसीना सरकार गिर गई और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का गठन हुआ।अंतरिम सरकार ने उनके खिलाफ 225 से अधिक आपराधिक मामले, जिनमें हत्या, अपहरण और देशद्रोह जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं, दर्ज किए हैं।
चीफ एडवाइजर यूनुस का राष्ट्र के नाम संबोधन
बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मुहम्मद यूनुस ने गुरुवार शाम राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि“देश में स्थिरता बहाल करने के लिए अगले साल आम चुनाव कराए जाएंगे। साथ ही ‘जुलाई चार्टर’ को लागू करने के लिए जनमत संग्रह कराया जाएगा।”उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने और न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखने की अपील की।
तनाव में पूरा बांग्लादेश
फैसले से पहले देश में तनाव चरम पर है।ढाका में पुलिस ने कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात बना दिए हैं।सोशल मीडिया पर सरकार-विरोधी पोस्ट करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। कई जगह इंटरनेट सेवाएं बाधित हैं।अगर ट्रिब्यूनल का फैसला हसीना के खिलाफ आता है, तो देश में नए सिरे से हिंसा और अस्थिरता की आशंका जताई जा रही है।










