राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी करते हुए बताया कि उत्तरी प्रशांत महासागर में दिन के 12:53 बजे IST भूकंप आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.1 मापी गई। भूकंप की गहराई केवल 10 किलोमीटर रही, जो इसे “उथला भूकंप” बनाती है और सतह पर इसके प्रभाव को और अधिक खतरनाक बनाती है।NCS ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भूकंप का केंद्र अक्षांश 39.64 उत्तर और देशांतर 143.51 पूर्व पर स्थित था। NCS ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप के बाद सहायक झटकों आने की संभावना बनी हुई है।भूकंप विज्ञानियों के अनुसार, उथले भूकंप सतह के करीब होने के कारण अधिक ऊर्जा का उत्सर्जन करते हैं, जिससे जमीन में कंपन और संभावित क्षति भी अधिक होती है। इसके विपरीत, गहरे भूकंप सतह पर पहुंचने से पहले अपनी अधिकांश ऊर्जा खो देते हैं, जिससे उनका प्रभाव कम महसूस होता है।

विश्व का भूकंपीय हॉटस्पॉट
दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत भूकंप “रिंग ऑफ फायर” के आसपास आते हैं। रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर के किनारों पर स्थित एक विशाल भूकंपीय पट्टी है, जिसमें पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटें लगातार एक-दूसरे के नीचे धंसती और खिसकती रहती हैं। यही प्लेट टेक्टोनिक गतिविधियां बड़े भूकंपों का मुख्य कारण बनती हैं।USGS के अनुसार, इस पट्टी में आने वाले भूकंपों में इतिहास के सबसे बड़े भूकंप शामिल हैं। रिंग ऑफ फायर में हर साल हजारों भूकंप आते हैं, जिनमें से कई को लोग महसूस कर सकते हैं। अनुमान है कि पूरे विश्व में हर साल लगभग 500,000 भूकंप पता लगाए जाते हैं, जिनमें से 100,000 से अधिक भूकंप महसूस किए जा सकते हैं।
भूकंप विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है कि उथले भूकंप की वजह से संभावित नुकसान और भवन क्षति अधिक हो सकती है। उन्होंने समुद्रतट के पास रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए आपदा निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया है।










