उत्तर प्रदेश के संभल जिले में आयकर विभाग (IT) और वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग की संयुक्त टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में 70 से अधिक गाड़ियों और 200 से ज्यादा अधिकारियों की टीम शामिल थी। यह रेड संभल के अलावा बरेली, हापुड़, गाजियाबाद और बुलंदशहर में भी की गई। टीम ने मीट कारोबारी हाजी इमरान और हाजी इरफान कुरैशी के घरों, फैक्ट्रियों और उनके रिश्तेदारों के ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच कीहाजी इमरान और हाजी इरफान कुरैशी संभल जिले के प्रमुख मीट कारोबारी हैं। उन्होंने 20 वर्ष पहले हड्डी के कारोबार से शुरुआत की थी और वर्तमान में उनकी कंपनियां संभल, हापुड़, बरेली और कैराना में मीट उत्पादन और आपूर्ति का कार्य करती हैं। उनका कारोबार कई सौ करोड़ रुपये का है।टीम का आकार: 70 से अधिक गाड़ियों और 200 से ज्यादा अधिकारियों की टीम।

स्थानों की संख्या: संभल, बरेली, हापुड़, गाजियाबाद और बुलंदशहर में कई ठिकानों पर छापेमारी।
जांच की अवधि: सुबह 4 बजे से देर रात तक दस्तावेजों की छानबीन।
सुरक्षा व्यवस्था: कड़े सुरक्षा इंतजाम, किसी को भी अंदर या बाहर जाने की अनुमति नहीं।
जांच के विषय: टैक्स चोरी, काले धन के लेन-देन, फर्जी दस्तावेज और मुखौटा कंपनियों की जांच। सूत्रों के अनुसार, इस रेड के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। जांच में फर्जी बिलिंग, टैक्स छूट के रैकेट और मुखौटा कंपनियों के संचालन के संकेत मिले हैं। आयकर विभाग के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की कार्रवाई की योजना बनाई है।रेड की सूचना मिलते ही स्थानीय व्यापारियों और टैक्स अधिवक्ताओं में हड़कंप मच गया। कुछ स्थानों पर आयकर विभाग की टीम से वार्ता की गई, जिसमें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया। हालांकि, जांच के दौरान अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी और किसी भी जानकारी को साझा करने से इंकार कियासंभल जिले में हुई यह रेड आयकर विभाग की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि विभाग बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी और काले धन के लेन-देन के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। आगे की जांच में यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।










