9 अक्टूबर 2025 की रात पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एयर स्ट्राइक की, जिसमें TTP के प्रमुख नूर वली महसूद की हत्या का दावा किया गया। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह हमला काबुल के अब्दुल हक चौक क्षेत्र में हुआ, जो सरकारी मंत्रालयों और राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी के पास स्थित है। विस्फोटों की आवाज शहर के विभिन्न हिस्सों में सुनाई दी, जिससे नागरिकों में दहशत फैल गई। हालांकि, तालिबान सरकार ने इस हमले में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने सोशल मीडिया पर कहा कि घटना की जांच की जा रही है और स्थिति नियंत्रण में हैनूर वली महसूद 2007 में स्थापित TTP के चौथे प्रमुख हैं। उन्होंने मोल्ला फजलुल्लाह की मौत के बाद संगठन की कमान संभाली। महसूद का जन्म 26 जून 1978 को पाकिस्तान के दक्षिण वज़ीरिस्तान में हुआ था। उन्होंने 2003 में एक जिहादी समूह से जुड़कर आतंकी गतिविधियों की शुरुआत की और बाद में TTP में शामिल हो गए। उनकी हत्या पाकिस्तान के लिए एक बड़ी रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।इस हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने संसद में कहा कि पाकिस्तान अपनी सीमा पर हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे हमलों के लिए जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अफगानिस्तान से आग्रह किया कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ हमलों के लिए न होने दे। पाकिस्तान ने इस हमले को जवाबी कार्रवाई के रूप में देखा है, क्योंकि कुछ दिन पहले पाकिस्तान के ओरकजई जिले में TTP के हमले में 11 सैनिक शहीद हो गए थे। तालिबान सरकार ने इस हमले के बाद स्थिति को नियंत्रण में बताया है। हालांकि, उन्होंने हमले में किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की है। तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि विस्फोटों की जांच की जा रही है और स्थिति सामान्य है। उन्होंने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।यह हमला पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार TTP को अपनी धरती पर सुरक्षित पनाहगाह प्रदान कर रही है, जिससे सीमा पार हमलों में वृद्धि हो रही है। हालांकि, तालिबान सरकार इन आरोपों को नकारती है और दावा करती है कि वह सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों में और तनाव बढ़ने की संभावना है।काबुल में पाकिस्तान की एयर स्ट्राइक और TTP प्रमुख की कथित हत्या ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। पाकिस्तान का यह कदम अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देने के रूप में देखा जा सकता है, जबकि तालिबान सरकार की प्रतिक्रिया स्थिति को नियंत्रण में बताती है। आगे चलकर दोनोदेशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य संबंधों में और तनाव देखने को मिल सकता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।










