आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने आखिरकार स्वीकार कर लिया है कि हाल ही में भारतीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में संगठन के संस्थापक मसूद अज़हर के परिवार के कई सदस्य मारे गए। इस खुलासे ने आतंकवाद विरोधी अभियान की बड़ी सफलता को और पुख्ता कर दिया है।
आतंकी रैली में कबूलनामा
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जैश के हथियारबंद आतंकियों की एक गुप्त रैली के दौरान संगठन के एक वरिष्ठ कमांडर ने यह बात स्वीकार की। उसने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर इतना तीव्र था कि “शरीर का कीमा बन गया था”, जिससे शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया था।
ऑपरेशन सिंदूर क्या है?
- भारतीय खुफिया एजेंसियों और सेना द्वारा हाल ही में चलाया गया यह विशेष अभियान आतंकियों के ठिकानों पर केंद्रित था।
- ऑपरेशन का लक्ष्य जैश की शीर्ष कमान और उसके सुरक्षित अड्डों को ध्वस्त करना था।
- इसमें कई बड़े आतंकी नेताओं और उनके परिजनों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।
मसूद अज़हर के परिवार को बड़ा झटका
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मारे गए लोगों में मसूद अज़हर के करीबी रिश्तेदार भी शामिल थे। यह जैश के लिए एक गंभीर मनोवैज्ञानिक और संगठनात्मक झटका माना जा रहा है। आतंकी रैली में दिए गए बयान से स्पष्ट है कि संगठन अपनी कमजोरी और नुक़सान को छिपा नहीं पा रहा।
भारत की रणनीति को मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से
- जैश की कमांड संरचना कमजोर हुई है,
- आतंकियों का मनोबल गिरा है,
- और सीमा पार से आतंकी गतिविधियों पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।










