कीव सहित कई शहरों में तबाही, ऊर्जा ढांचा ध्वस्त; दर्जनों लोग घायल, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने जताई कड़ी निंदा
रूस-यूक्रेन युद्ध में एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। रूस ने रविवार देर रात यूक्रेन पर 800 से ज़्यादा ड्रोन से हमला किया, जिसे अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला माना जा रहा है। इस हमले से यूक्रेन की कई अहम जगहों पर विस्फोट हुए और भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
हमला कैसे हुआ?
यूक्रेन की राजधानी कीव, खार्किव और ओडेसा को सबसे ज़्यादा निशाना बनाया गया।
ड्रोन लगातार घंटों तक आसमान से बरसते रहे।
यूक्रेन की एयर डिफेंस सिस्टम ने सैकड़ों ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन कई ड्रोन लक्ष्य तक पहुँचने में सफल रहे।
हमले के बाद कई जगहों पर आग लग गई और बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
जनहानि और नुकसान
शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, दर्जनों लोगों के घायल होने और कई नागरिकों की मौत की आशंका है।
कई रिहायशी इमारतें, ऊर्जा संयंत्र और सैन्य ठिकाने प्रभावित हुए।
कीव के मेयर ने बताया कि शहर के कुछ हिस्सों में बिजली और पानी की सप्लाई पूरी तरह बाधित हो गई है।
रूस की मंशा
विशेषज्ञों का कहना है कि रूस का यह हमला यूक्रेन की रक्षा प्रणाली को कमजोर करने और ऊर्जा ढांचे को ध्वस्त करने के मकसद से किया गया है।
रूस का दावा है कि उसने “सैन्य ठिकानों और हथियारों के भंडार” को निशाना बनाया।
जबकि यूक्रेन का कहना है कि रूस नागरिक क्षेत्रों को टारगेट कर रहा है, जो युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका और यूरोपीय संघ ने इस हमले की निंदा की है।
संयुक्त राष्ट्र ने चिंता जताई और कहा कि इतने बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले से मानवीय संकट और गहरा सकता है।
पड़ोसी देशों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है।
यूक्रेन की तैयारी
यूक्रेन ने दावा किया है कि उनकी एयर डिफेंस ने रिकॉर्ड संख्या में ड्रोन गिराए हैं और वे और मज़बूत रक्षा प्रणाली की तैयारी कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने इसे “यूक्रेन की संप्रभुता पर सबसे बड़ा हमला” करार दिया।
उन्होंने पश्चिमी देशों से और अधिक एयर डिफेंस सिस्टम और हथियारों की मांग की है।
यह हमला न सिर्फ युद्ध को और भी खतरनाक मोड़ पर ले जा रहा है, बल्कि पूरे यूरोप की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।









