Haryana के हांसी जिले में दर्ज एक जीरो एफआईआर को आगे की जांच के लिए एसएएस नगर (मोहाली) पुलिस को भेज दिया गया है। शिकायत में घटना का स्थान जीरकपुर की प्रीत कॉलोनी बताया गया है, जिसके चलते क्षेत्राधिकार के आधार पर अब मामले की जांच जीरकपुर पुलिस करेगी। संबंधित दस्तावेज और केस फाइल पंजाब पुलिस को सौंप दी गई है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उसका प्रेम विवाह करीब तीन वर्ष पहले हुआ था। विवाह के बाद पति और उसके परिजनों द्वारा उसके साथ कथित रूप से प्रताड़ना की गई और जबरन गर्भपात कराया गया। इस मामले से जुड़ा एक अन्य प्रकरण पहले से हिसार की अदालत में विचाराधीन बताया गया है। 18 मई 2026 को कुछ लोगों ने कथित तौर पर उसे चंडीगढ़ से जबरन कार में बैठाया, उसके साथ मारपीट की, नशीला पदार्थ दिया और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि अगले दिन उसे बेहोशी की हालत में जीरकपुर स्थित उसके घर के बाहर छोड़ दिया गया। उसने यह भी दावा किया है कि घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुई है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि इलाज के दौरान भी आरोपी लगातार फोन कर उसे और उसके परिवार को धमकियां देते रहे। पीड़िता ने अपने परिवार की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हांसी सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की थी। अब पूरा मामला जीरकपुर पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया है, जो शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर आगे की जांच करेगी। फिलहाल आरोपों की जांच जारी है और पुलिस की ओर से मामले में अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है।
Zirakpur अप.हरण केस जीरो FIR ट्रांसफर
हरियाणा में एक कथित अपहरण, मारपीट और धमकी से संबंधित मामले की जांच अब पंजाब के जीरकपुर पुलिस थाने के क्षेत्राधिकार में आ गई है। घटना की जगह जीरकपुर की प्रीत कॉलोनी बताने के बाद, हांसी पुलिस ने जीरो एफआईआर एवं संबंधित दस्तावेज एसएएस नगर (मोहाली) पुलिस को सौंप दिए हैं। अब आगे की जांच स्थानीय पुलिस द्वारा की जाएगी। पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसने लगभग तीन साल पहले प्रेम विवाह किया था। उसके अनुसार शादी के बाद से ही उसे पति और ससुराल की ओर से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। उसने यह भी आरोप लगाया है कि उसके साथ जबरन गर्भपात करवाया गया था, जिसका मामला पहले से ही अदालत में है। 18 मई 2026 को कुछ लोगों ने कथित रुप से उसे चंडीगढ़ से मजबूरन कार में बैठाया। पीड़िता का आरोप है कि रास्ते में उसके साथ मारपीट की गई, उसे नशीला पदार्थ दिया गया और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। उसने यह दावा किया कि पूरा घटनाक्रम सुनियोजित था। अगले दिन सुबह उसे बेहोशी की स्थिति में जीरकपुर स्थित अपने घर के बाहर छोड़ दिया गया। उसने आरोप लगाया कि घटना के कुछ हिस्से आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुए हैं। पुलिस अब इन दावों की भी जांच करेगी। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सा रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। पुलिस मामले से संबंधित सभी तथ्यों की सत्यता की जांच करेगी। शिकायत में यह भी कहा गया है कि अस्पताल में इलाज के दौरान भी कथित आरोपियों की ओर से फोन पर धमकियां आती रहीं। पीड़िता ने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अलावा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।











