देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। दिल्ली-एनसीआर में शुक्रवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ इलाकों में तेज बारिश और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से बचने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी व्यापक बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार कुछ जिलों में भारी वर्षा के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को भी आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों का पालन करें।देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और अब इसका प्रभाव सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में देखने को मिल रहा है।
लगातार बदलते मौसम के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 10 जुलाई के लिए कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर, पूर्व, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर सहित कुल 13 राज्यों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कई इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। आईएमडी का कहना है कि मानसून अब राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों तक भी पूरी तरह पहुंच चुका है। इसके चलते इन राज्यों में भी बारिश की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। कृषि क्षेत्र के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, वहीं कुछ स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में भी अच्छी बारिश का अनुमान है। पहाड़ी क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण भूस्खलन और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे समय-समय पर जारी होने वाले मौसम बुलेटिन पर नजर रखें और किसी भी चेतावनी को नजरअंदाज न करें। बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, बिजली के खंभों और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है, जिससे देश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में 10 जुलाई को मौसम के करवट लेने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। दिन के दौरान कई इलाकों में हल्की बारिश होने का अनुमान है, जबकि कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश भी दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और बिजली चमकने की संभावना भी बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर अधिक समय तक रुकने से बचने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को भी बारिश के दौरान सतर्कता के साथ सफर करने की सलाह दी गई है। पूर्वानुमान के अनुसार शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर का अधिकतम तापमान लगभग 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। बारिश के कारण गर्मी और उमस से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना महसूस हो सकता है। बारिश की वजह से कुछ निचले इलाकों में जलभराव और प्रमुख सड़कों पर यातायात की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। कार्यालय जाने वाले लोगों और दैनिक यात्रियों को घर से निकलने से पहले मौसम और ट्रैफिक की जानकारी लेने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें और गरज-चमक के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। यदि मौसम अचानक खराब होता है तो अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर होगा। आने वाले दिनों में भी राजधानी क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।



उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बारिश की अलर्ट
उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। भारतीय मौसम विभाग ने 10 जुलाई के लिए कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। मौसम विभाग के अनुसार लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों के जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी जिलों में भी 10 जुलाई को भारी बारिश होने का अनुमान है। कई स्थानों पर तेज वर्षा के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश की यह सक्रियता 15 जुलाई तक बनी रह सकती है। लगातार वर्षा के चलते पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करना सुरक्षित रहेगा।
यूपी के कई जिलों में बारिश
उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और राज्य के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। लगातार हो रही वर्षा से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे मौसम को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और आवश्यकता होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी मानसूनी गतिविधियां लगातार बनी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई तक प्रदेश के इस हिस्से में व्यापक स्तर पर बारिश जारी रह सकती है। 10 जुलाई को भी कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। लगातार बारिश के कारण कुछ निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को स्थिति पर नजर बनाए रखने और आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से लाभदायक मानी जा रही है, हालांकि अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। गरज-चमक के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में भी प्रदेश में मानसून की सक्रियता बनी रहने की संभावना है।
हरियाणा, राजस्थान और पंजाब में भी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। 10 जुलाई से 13 जुलाई के बीच हरियाणा के अनेक जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। मौसम विभाग का कहना है कि पंजाब और चंडीगढ़ में भी आगामी दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। 13 जुलाई तक कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने का अनुमान है, जिससे तापमान में गिरावट आने और गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रहेगी। राजस्थान में भी मानसून धीरे-धीरे प्रभावी हो रहा है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में 15 जुलाई तक बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। खासकर पूर्वी राजस्थान में 10 जुलाई को कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसान और यात्रियों को भी मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने संबंधित जिलों में आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं और लोगों से मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। आने वाले दिनों में मानसून के और सक्रिय होने की संभावना है, जिससे उत्तर भारत के इन राज्यों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम
पूर्वी मध्य प्रदेश में मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का अनुमान है कि वर्षा की यह गतिविधि 15 जुलाई तक जारी रह सकती है, जिससे कई क्षेत्रों में मौसम सुहावना बना रहेगा। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों और जलभराव संभावित क्षेत्रों पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा जानकारी का पालन करें। छत्तीसगढ़ में भी 10 जुलाई को कई जिलों में बारिश होने का अनुमान है। हालांकि राज्य के लिए व्यापक स्तर पर भारी बारिश का विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने 13 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली चमकने की संभावना भी जताई है। महाराष्ट्र और केरल में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। दोनों राज्यों के कई हिस्सों में 10 जुलाई को भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण कुछ क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है, इसलिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के लोगों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी अपडेट पर लगातार नजर रखें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। विशेष रूप से गरज-चमक के समय खुले स्थानों, नदी-नालों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।
बिहार, झारखंड और बंगाल में बारिश
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। 10 जुलाई को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी मौसम संबंधी गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। बिहार में भी अगले कुछ दिनों तक मानसून का असर बना रहेगा। मौसम विभाग ने 12 जुलाई तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना व्यक्त की है। लगातार हो रही वर्षा के कारण कुछ निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने और मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। ओडिशा में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य के विभिन्न हिस्सों में 14 जुलाई तक रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक बनी रहेगी। झारखंड में 12 से 15 जुलाई के बीच कई स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। लगातार सक्रिय मानसून के कारण राज्य के अलग-अलग जिलों में वर्षा की तीव्रता बढ़ सकती है। प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। सिक्किम में भी 10 जुलाई को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा के कारण भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें।
पूर्वोत्तर समेत कई राज्यों में मानसून सक्रिय, कई इलाकों में भारी बारिश का अनुमान
पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 10 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा असम और मेघालय के कई जिलों में भी भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है। लगातार बारिश को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी वर्षा की संभावना व्यक्त की है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं, इसलिए यात्रियों और स्थानीय लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। उत्तर प्रदेश में भी मानसून का प्रभाव लगातार बना हुआ है। पश्चिमी और पूर्वी दोनों क्षेत्रों में कई स्थानों पर अच्छी बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में तेज वर्षा दर्ज की जा सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है, हालांकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर सतर्क रहने की जरूरत होगी। हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान के कई हिस्सों में भी अगले कुछ दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली चमकने की संभावना भी जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी मानसून की गतिविधियां जारी रहेंगी। पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा होने की संभावना है, जबकि छत्तीसगढ़ के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने सभी राज्यों के नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके।
पूर्वी भारत में मानसून की सक्रियता लगातार बनी हुई है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कई राज्यों में अच्छी बारिश का अनुमान जताया है। बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और सिक्किम के विभिन्न जिलों में वर्षा की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर मध्यम से तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार हो रही बारिश से कई क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि निचले इलाकों में जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है, इसलिए स्थानीय प्रशासन आवश्यक तैयारियां बनाए हुए है। महाराष्ट्र और केरल सहित पश्चिमी तटीय राज्यों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। कई जिलों में लगातार वर्षा का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और मछुआरों को मौसम विभाग की ताजा सलाह पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में भी व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इन इलाकों में कई स्थानों पर तेज बारिश होने की संभावना है, जिससे पहाड़ी और नदी किनारे के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर लगातार नजर रखें और जिन क्षेत्रों में भारी वर्षा की संभावना है वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। अनावश्यक यात्रा से बचने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में भी देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।










