जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त कोमल मित्तल ने आज अपने कार्यालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाता सूची से संबंधित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के माध्यम से मतदाताओं को वितरित किए गए गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) को भरवाकर समय पर वापस एकत्र किया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि एकत्र किए गए सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य 24 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि 3 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची को समय पर अंतिम रूप दिया जा सके। जिला निर्वाचन अधिकारी कोमल मित्तल ने यह भी निर्देश दिए कि 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों के युक्तिकरण (रैशनलाइजेशन) से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार्य नहीं होगी। इसके साथ ही उन्होंने सभी ईआरओ को निर्देश दिया कि बूथ लेवल अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्राप्त की जाए और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सभी कार्यों को पारदर्शिता, समयबद्धता और सटीकता के साथ पूरा किया जाए, ताकि एसआईआर-2026 की प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त कोमल मित्तल ने अपने कार्यालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी सहित सभी संबंधित ईआरओ एवं अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि वर्तमान तथा युक्तिकरण के लिए प्रस्तावित सभी मतदान केंद्रों पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम आवश्यक सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देश दिए कि वे घर-घर जाकर एनुमेरेशन प्रपत्रों का वितरण सुनिश्चित करें और मतदाताओं से उन्हें विधिवत भरवाकर समय पर वापस प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि यह कार्य पूरी गंभीरता और समयबद्धता के साथ किया जाए। श्रीमती कोमल मित्तल ने यह भी निर्देश दिए कि एकत्र किए गए सभी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि मतदाता सूची को समय पर अद्यतन किया जा सके और आगामी चुनावी प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त (जनरल) गीतिका सिंह, ईआरओ अमित गुप्ता (एसडीएम डेराबस्सी), ईआरओ दमनदीप कौर (एसडीएम मोहाली), ईआरओ गुरमीत सिंह (एसडीएम खरड़), निर्वाचन तहसीलदार हरप्रीत कौर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने एसआईआर-2026 के कार्यों को पारदर्शिता, समयबद्धता और समन्वय के साथ पूर्ण करने का आश्वासन दिया।

एसएएस नगर में एसआईआर-2026 की प्रगति की समीक्षा, जिला निर्वाचन अधिकारी ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
जिला निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त कोमल मित्तल ने आज अपने कार्यालय में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत चल रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक में अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी तथा सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) ने भाग लिया। बैठक के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण और अद्यतन प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि मतदाताओं को वितरित किए गए गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) को पूरी सावधानी के साथ भरवाकर समय पर वापस एकत्र किया जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया प्रभावित न हो। जिला निर्वाचन अधिकारी कोमल मित्तल ने स्पष्ट किया कि 3 अगस्त 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची से पहले सभी प्राप्त प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन 24 जुलाई तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। उन्होंने इसे एक प्राथमिक और समयबद्ध कार्य बताया।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों के पुनर्गठन (रैशनलाइजेशन) से संबंधित प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि चुनाव प्रक्रिया को और अधिक सुव्यवस्थित बनाया जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और संग्रहण कार्य नियमित रूप से मॉनिटर किया जाएगा, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य है। इसमें पेयजल, बिजली, रैंप और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रस्तावित और वर्तमान सभी मतदान केंद्रों की व्यवस्था को मजबूत किया जाए, ताकि मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। अंत में उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शिता, समयबद्धता और सटीकता के साथ पूरा किया जाए, जिससे एसआईआर-2026 का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।










