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पीजीआई-पीयू के बीच बनेगा आधुनिक पैदल अंडरपास

Chandigarh में पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच रोजाना आने-जाने वाले हजारों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से प्रस्तावित पैदल अंडरपास परियोजना को लेकर यूटी प्रशासन ने एक बार फिर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को व्यस्त सड़क पार करने में काफी सुविधा मिलेगी। पीजीआई में इलाज के लिए आने वाले मरीजों, उनके परिजनों, डॉक्टरों और विश्वविद्यालय के छात्रों को अक्सर सड़क पार करते समय भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है। कई बार जल्दबाजी और भीड़ के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में अंडरपास का निर्माण सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने इस परियोजना के लिए करीब 8.4 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे क्षेत्र में पैदल यात्रियों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। यह परियोजना केवल सड़क पार करने की सुविधा तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आधुनिक शहरी ढांचे का भी हिस्सा बनेगी। अंडरपास को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि बड़ी संख्या में लोग एक साथ सुरक्षित रूप से इसका उपयोग कर सकें। इससे सड़क पर पैदल यात्रियों की भीड़ कम होगी और यातायात संचालन भी सुचारु रहेगा। यूटी प्रशासन का मानना है कि अंडरपास के निर्माण से न केवल लोगों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच संपर्क भी अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। यह परियोजना शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।

जानिए 14 मीटर चौड़े अंडरपास में क्या होगा खास

पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच प्रस्तावित पैदल अंडरपास को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। यह अंडरपास लगभग 14 मीटर चौड़ा और 32 मीटर लंबा होगा, जिससे बड़ी संख्या में लोग एक साथ आसानी से गुजर सकेंगे। अपने विशाल आकार के कारण यह शहर के कुछ मौजूदा अंडरपासों से भी अधिक क्षमता वाला माना जा रहा है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों को सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराना है। रोजाना हजारों मरीज, तीमारदार, विद्यार्थी और कर्मचारी इस मार्ग का उपयोग करते हैं। अंडरपास बनने के बाद उन्हें व्यस्त ट्रैफिक के बीच सड़क पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। प्रशासन ने अंडरपास को सभी वर्गों के लोगों के लिए सुगम बनाने पर विशेष ध्यान दिया है। जगह की सीमाओं के कारण एस्केलेटर की व्यवस्था नहीं की जाएगी, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों, मरीजों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए आधुनिक लिफ्ट और रैंप बनाए जाएंगे। इससे व्हीलचेयर उपयोग करने वाले लोगों को भी आसानी से आवागमन करने में मदद मिलेगी। अंडरपास के भीतर 12 कमर्शियल बूथ विकसित किए जाएंगे, जहां लोगों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इन दुकानों में फोटोस्टेट, स्टेशनरी और अन्य दैनिक जरूरतों से जुड़ी सुविधाएं मिलने की संभावना है। इससे पीजीआई आने वाले मरीजों और पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्रों को अतिरिक्त सुविधा प्राप्त होगी। सुरक्षा और सौंदर्य को ध्यान में रखते हुए अंडरपास में उच्च गुणवत्ता वाली ग्रेनाइट फ्लोरिंग की जाएगी। साथ ही पूरी संरचना में आधुनिक एलईडी लाइटिंग लगाई जाएगी, जिससे दिन और रात दोनों समय पर्याप्त रोशनी बनी रहेगी। यह व्यवस्था अंडरपास को न केवल आकर्षक बनाएगी बल्कि लोगों के लिए सुरक्षित और आरामदायक आवागमन भी सुनिश्चित करेगी।

चंडीगढ़ के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल पीजीआई और पंजाब यूनिवर्सिटी के बीच का क्षेत्र जल्द ही एक आधुनिक पैदल अंडरपास से जुड़ने वाला है। यह परियोजना न केवल पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी नई मजबूती प्रदान करेगी। रोजाना हजारों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर लंबे समय से सुरक्षित क्रॉसिंग की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पीजीआई में इलाज के लिए दूर-दराज के राज्यों से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अक्सर भारी ट्रैफिक के बीच सड़क पार करनी पड़ती है। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी के छात्र, शोधार्थी और कर्मचारी भी इसी मार्ग का नियमित उपयोग करते हैं। अंडरपास के निर्माण से इन सभी लोगों को सुरक्षित और निर्बाध आवागमन का विकल्प मिलेगा। परियोजना के तहत बनाए जाने वाले अंडरपास को अधिक क्षमता और सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। चौड़े मार्ग के कारण एक समय में बड़ी संख्या में लोग बिना किसी भीड़भाड़ के इसका उपयोग कर सकेंगे। इससे सड़क पर पैदल यात्रियों का दबाव कम होगा और ट्रैफिक की आवाजाही भी अधिक सुचारु बनी रहेगी। विशेष जरूरतों वाले लोगों के लिए भी इस परियोजना में पर्याप्त प्रबंध किए गए हैं। वरिष्ठ नागरिकों, मरीजों और दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था की जाएगी। इससे व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरणों का उपयोग करने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। अंडरपास के भीतर आवश्यक सेवाओं से जुड़े कमर्शियल बूथ भी विकसित किए जाएंगे। यहां मिलने वाली सुविधाएं छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों के लिए उपयोगी साबित होंगी। इसके अलावा आधुनिक ग्रेनाइट फ्लोरिंग, बेहतर वेंटिलेशन और एलईडी प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं अंडरपास को सुरक्षित, आकर्षक और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाएंगी। प्रशासन को उम्मीद है कि यह परियोजना भविष्य में शहर के स्मार्ट ट्रांसपोर्ट नेटवर्क का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनेगी।

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