IndiaLudhianaPunjab

Ludhiana नगर निगम में हंगामा काउंसलर और इंजीनियर के बीच विवाद

Ludhiana नगर निगम के जोन-बी कार्यालय में उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब शिरोमणि अकाली दल के काउंसलर कमल अरोड़ा और सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि बहस के दौरान काउंसलर ने इंजीनियर को उनके कार्यालय में ही थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद निगम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी भी हैरान रह गए। काउंसलर कमल अरोड़ा अपने वार्ड नंबर 20 के विकास कार्यों को लेकर जोन-बी कार्यालय पहुंचे थे। उनका कहना है कि क्षेत्र से जुड़ी कई फाइलें लंबे समय से लंबित पड़ी हुई थीं। इसी संबंध में वह सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला से मिलने पहुंचे थे ताकि विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की जा सके। कमल अरोड़ा का आरोप है कि प्रवीण सिंगला जनप्रतिनिधियों से सही तरीके से बात नहीं करते और विकास कार्यों की फाइलों को अनावश्यक रूप से लटकाते रहते हैं। उन्होंने दावा किया कि बातचीत के दौरान भी अधिकारी का रवैया ठीक नहीं था, जिसके कारण दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के बाद प्रवीण सिंगला कार्यालय से बाहर निकल गए। मीडिया कर्मियों ने उनसे संपर्क करने और उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर और अधिक चर्चाएं शुरू हो गईं। बाद में प्रवीण सिंगला के भाई ने फोन पर मीडिया को बताया कि अकाली दल के काउंसलर ने उनके भाई के साथ हाथापाई की है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और जल्द ही प्रवीण सिंगला स्वयं मीडिया के सामने आकर पूरी घटना की जानकारी देंगे। फिलहाल मामले को लेकर दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं और घटना नगर निगम व राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

पार्षद के भाई का आरोप अधिकारी रोक रहा था फाइलें

पार्षद कमल अरोड़ा और नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला के बीच हुए विवाद को लेकर अब दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। घटना के बाद पार्षद के भाई अमरीक सिंह ने आरोप लगाया कि वार्ड नंबर 20 से जुड़ी कई विकास कार्यों की फाइलें लंबे समय से अधिकारी के पास लंबित पड़ी थीं, जिसके कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उनके भाई कमल अरोड़ा नगर निगम जोन बी कार्यालय में सड़कों की मरम्मत और नई सड़कों के निर्माण से संबंधित फाइलों पर चर्चा करने पहुंचे थे। उनका कहना है कि विकास कार्यों को लेकर कई बार अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन फाइलों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण पार्षद अधिकारियों से जवाब मांगने पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। अमरीक सिंह का दावा है कि इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। हालांकि घटना को लेकर दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। पार्षद के भाई ने कहा कि उनके भाई का मोबाइल फोन फिलहाल बंद आ रहा है, इसलिए उनका पक्ष पूरी तरह सामने नहीं आ पाया है। उन्होंने कहा कि जैसे ही कमल अरोड़ा संपर्क में आएंगे, वे पूरे घटनाक्रम को लेकर अपना विस्तृत बयान सार्वजनिक करेंगे। वहीं समर्थकों का कहना है कि वार्ड के विकास कार्यों में लगातार देरी के कारण नाराजगी बढ़ रही थी। नगर निगम अधिकारियों की ओर से अभी तक मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस विवाद पर क्या कार्रवाई करता है और दोनों पक्षों के आरोपों की जांच किस तरह आगे बढ़ाई जाती है।

एडिशनल कमिश्नर बोले मामले की जानकारी मिलने के बाद होगी कार्रवाई

इस मामले में एडिशनल कमिश्नर नीरज जैन ने कहा कि उन्हें अभी इस घटना के बारे में जानकारी नहीं है जिनके साथ यह हुआ है, जब वे मेरे पास आएंगे तभी स्पष्ट होगा। घटना के तुरंत बाद प्रवीण सिंगला कार्यालय से चले गए। मीडिया कर्मियों ने उनसे बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। उनके कार्यालय छोडऩे के बाद इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और नगर निगम के कर्मचारियों में भी यह चर्चा का विषय बन गया। बाद में प्रवीण सिंगला के भई ने फोन पर मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि अकाली दल के पार्षद ने उनके भाई के साथ मारपीट की है। उन्होंने कहा कि यएक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है और जल्द ही प्रवीण सिंगला खुद मीडिया के सामने आकर पूरी जानकारी देंगे। इस बीच अधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयन का इंतजार किया जा रहा है। वहीं, पार्षद कमल अरोड़ा के भाई अमरीक सिंह ने मामले में अलग राय रखी है। उन्होंने कहा कि वार्ड नंबर 20 की कई विकास परियोजनाओं की फाइलें लंबे समय से प्रवीण सिंगला के पास पेंडिंग थीं।
उन्होंने बताया कि उनके भाई सड़क मरम्मत और नई सड़क निर्माण के फाइलों पर चर्चा के लिए गए थे, लेकिन वहां वार्ता के दौरान माहौल खराबो गया। अमरीक सिंह का कहना है कि बातचीत के दौरान पहले अधिकारी ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे विवाद बढ़ गया। उनका कहना है कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की हुई और स्थिति व्याकुल हो गई। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई से संपर्क नहीं हो पाया है और उनका मोबाइल बंद है। संपर्क होने पर वे इस मामले में और जानकारी देंगे। इस पूरी घटना के बाद नगर निगम प्रशासन भसजग हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है। हालांकि अब तक किसी भी पक्ष से पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की पुष्टि नहीं हुई है। नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर नीरज जैन ने कहा कि उन्हें इस घटना की पूरी जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि जिन अधिकारियों के साथ यह घटना हुई, उनसे बातचीत के बाद ही सारे तथ्य स्पष्ट होंगे। उन्होंने कहा कि यदि कोई शिकायत आती है तो उचित कार्रवाई कलिए जांच की जाएगी। फिलहाल नगर निगम कार्यालय में हुई इस घटना ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं बढ़ा दी हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

Subscribe to Our Newsletter!

This will close in 0 seconds