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Khan Sir की कोचिंग पर फायर सेफ्टी का संकट

Bihar के चर्चित शिक्षक और कोचिंग संचालक खान सर एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके कोचिंग संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ में कथित तौर पर फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी से जुड़ा हुआ है। बिहार अग्निशमन विभाग की जांच में संस्थान में कई सुरक्षा संबंधी कमियां सामने आने की बात कही गई है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कोचिंग सेंटर का निरीक्षण करने के दौरान अग्नि सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी मानकों का पालन नहीं पाया गया। इसके बाद संस्थान प्रबंधन को कमियों को दूर करने के निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। फायर सर्विस के अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी संस्थान को नोटिस जारी किया गया था। जांच रिपोर्ट में सामने आई खामियों को सुधारने के लिए समय दिया गया था, लेकिन अब दोबारा समीक्षा की तैयारी की जा रही है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी नहीं की गईं तो सख्त प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि राज्यभर में सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा जांच का अभियान चल रहा है। अस्पतालों, होटलों और अन्य भीड़भाड़ वाले भवनों के साथ-साथ कोचिंग संस्थानों की भी जांच की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खान ग्लोबल स्टडीज प्रबंधन अग्निशमन विभाग की आपत्तियों को कितनी जल्दी दूर करता है। यदि सभी सुरक्षा मानकों का पालन कर लिया जाता है तो संस्थान सामान्य रूप से संचालित हो सकेगा, लेकिन नियमों की अनदेखी जारी रहने पर सीलिंग समेत अन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अब तक पटना के 5 अस्पताल और 6 होटल सील

अग्निशमन विभाग के डीआईजी मनोज कुमार नट ने कहा कि पांच अस्पतालों और छह होटलों को सील करने के लिए आदेश दिए गए हैं। अस्पतालों की सूची में एडवांस पटना सेंट्रल अस्पताल, आरोग्य वर्धन अस्पताल, पिनक्कल अस्पताल, श्यामा ट्रस्ट रिसर्च एंड अस्पताल और एपेक्स अस्पताल का नाम है. इन सभी को सूचना भेजी गई है. बिहार के प्रसिद्ध शिक्षक और कोचिंग संचालक खान सर फिर से चर्चा में हैं। इस बार उनका संस्थान ‘खान ग्लोबल स्टडीज’ अग्नि सुरक्षा से संबंधित कमियों के कारण सुर्खियों में आया है। बिहार अग्निशमन विभाग द्वारा की गई जांच में फायर सेफ्टी मानकों के पालन में कई दोष पाए गए हैं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कोचिंग संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था का गहन निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कई बिंदु मिले, जो निर्धारित अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन नहीं करते थे। विभाग ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संस्थान प्रबंधन को सुधार के निर्देश दिए हैं। बिहार अग्निशमन सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों का कहनाै कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक है। इसीलिए विभाग सभी संस्थानों की नियमित निगरानी कर रहा है।
संस्थान को पहले भी नोटिस जारी किया जा चुका है। विभाग का कहना है कि निरीक्षण के समय सामने आई दुर्स्थितियों को सुधारने के लिए पर्याप्त समय दिया गया है। यदि निर्धारित समय के अंदर आवश्यक बदलाव नहीं किए जाते हैं, तो प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। अधिकारियों ने बताया है कि यह अभियान केवल एक कोचिंग संस्थान तक सीमित नहीं है। राज्यव्यापी अस्पतालों, होटलों और अन्य सार्वजनिक इमारतों का भी निरीक्षण हो रहा है ताकि कहीं पर भी अग्नि सुरक्षा मानकों की अवहेलना हो। विभाग का लक्ष्य किसी संस्था को टारगेट करना नहीं, बल्कि जनसुरक्षा को सुनिश्चित करना है। फायर सेफ्टी विशेषज्ञों का विचार है कि किसी भी भवन में आपातकालीन निकासी, अग्निशामक यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम और सुरक्षित निकासी योजना जैसी सुविधाएं अनिवार्य होती हैं। इन व्यवस्थाओं की कमी किसी भी आपात स्थिति में गंभीर परिणाम उत्पन्न कर सकती है। इसी बीच खान ग्लोबल स्टडीज को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच चर्चा भी तेज हो गई है। कई का मानना है कि संस्थान को जल्द सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई पर असर पड़े और सुरक्षा संबंधी चिंताएं समाप्त हो सकें। अग्निशमन विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में कोचिंग संस्थानों का पुनः निरीक्षण होगा। इस दौरान यह जाँचें होगी कि नोटिस मिलने के बाद संबंधित संस्थानों ने सुधार किए हैं या नहीं। नियमों का पालन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभावित है। बिहार में हाल के समय में सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन काफी सक्रिय दिखाई दे रहा है। कई अस्पतालों और होटलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इस प्रकार सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ सकती है।

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