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NEET UG 2026 रद्द पेपर लीक विवाद में CBI जांच तेज 45 से ज्यादा हिरासत में

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने देशभर में आयोजित NEET UG 2026 परीक्षा को रद्द करने का बड़ा फैसला लिया है। यह परीक्षा 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद मामला लगातार विवादों में घिरता चला गया। लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं के बीच एजेंसी ने आखिरकार परीक्षा दोबारा कराने की घोषणा कर दी है। मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में NTA ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। एजेंसी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद यह स्पष्ट हुआ कि मामले की गंभीरता को देखते हुए परीक्षा को निरस्त करना जरूरी था। पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। इसके अलावा कई राज्यों की पुलिस और विशेष जांच टीमें भी मामले की जांच में जुटी हुई हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। इस वर्ष NEET UG परीक्षा में लगभग 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद छात्रों में निराशा और चिंता का माहौल है। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए महीनों मेहनत की थी और अब उन्हें फिर से परीक्षा की तैयारी करनी पड़ेगी। NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत स्रोतों पर जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। एजेंसी ने यह भी कहा है कि नई परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे। अब सभी की नजरें दोबारा होने वाली परीक्षा की नई तारीख पर टिकी हुई हैं।

CBI को दिए गए मामले की जांच

NTA ने 10 मई 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह निर्णय लिया है। 8 मई को परीक्षा से संबंधित मुद्दों की स्वतंत्र जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए केंद्रीय एजेंसियों को भेजा गया था। इसके बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से प्राप्त हुए इनपुट और जांच रिपोर्ट का विश्लेषण किया गया। पेपर लीक का मामला देखते हुए CBI जांच के आदेश भी दिए गए हैं. एजेंसी ने बताया कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और निष्पक्ष तथा विश्वसनीय परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह निर्णय लिया गया है। अब NEET UG 2026 परीक्षा फिर से कराई जाएगी। नई परीक्षा की तिथि, प्रवेश पत्र जारी करने की समय सारणी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी शीघ्र एजेंसी की आधिकारिक वेबसाइट और अन्य अधिकृत स्रोतों द्वारा साझा की जाएगी। NTA ने विद्यार्थियों, माता-पिता और सामान्य जनता से अनुरोध किया है कि वे केवल अधिकृत जानकारी पर विश्वास करें। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा NEET UG 2026 परीक्षा रद्द किए जाने के फैसले ने पूरे देश में लाखों छात्रों और अभिभावकों को झटका दिया है। 3 मई 2026 को आयोजित हुई इस परीक्षा को लेकर लगातार पेपर लीक के आरोप सामने आ रहे थे, जिसके बाद आखिरकार एजेंसी को परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। अब छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी और नई तारीखों का इंतजार करना पड़ेगा।

NTA ने मंगलवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में कहा कि परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है। एजेंसी के अनुसार, केंद्रीय जांच एजेंसियों और कानून प्रवर्तन संस्थाओं से मिले इनपुट के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मामले की गहन जांच आवश्यक है। इसी वजह से परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। शुरुआती जांच में कई राज्यों में फैले एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिले हैं। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है। अब तक 45 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोग, करियर काउंसलर और परीक्षा से जुड़े संदिग्ध शामिल बताए जा रहे हैं। देहरादून, सीकर और झुंझुनूं समेत कई शहरों में छापेमारी जारी है। परीक्षा से पहले छात्रों के बीच एक कथित “गेस पेपर” वायरल हुआ था। दावा किया जा रहा है कि इस गेस पेपर के लगभग 150 सवाल हूबहू असली परीक्षा में पूछे गए थे। यदि यह दावा सही साबित होता है तो यह देश की सबसे बड़ी परीक्षा सुरक्षा चूकों में से एक माना जाएगा।

NEET UG 2026 परीक्षा में इस बार करीब 22 लाख विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा रद्द होने के बाद अब छात्रों के सामने मानसिक दबाव और तैयारी को दोबारा शुरू करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई अभिभावकों ने परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रश्नपत्र लीक का संबंध किसी संगठित गिरोह से हो सकता है। एजेंसियां दो प्रमुख एंगल पर काम कर रही हैं। पहला, प्रश्नपत्र प्रिंटिंग प्रेस या वितरण प्रक्रिया के दौरान लीक हुआ हो सकता है। दूसरा, पेपर सेट करने से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। जांच में जिस “क्वेश्चन बैंक” का जिक्र सामने आया है, उसका लिंक एक ऐसे युवक से जुड़ा बताया जा रहा है जो फिलहाल केरल के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है। हालांकि, जांच एजेंसियों ने अभी तक किसी भी आरोपी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें। एजेंसी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही नई परीक्षा तिथि, एडमिट कार्ड और अन्य जरूरी जानकारी जारी की जाएगी। फिलहाल देशभर के लाखों छात्र नई परीक्षा की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

अब तक 45 से अधिक व्यक्ति हिरासत में लिए जा चुके हैं।

राजस्थान में सामने आए नीट पेपर लीक मामले ने देशभर में हलचल मचा दी है। इस मामले की जांच कर रही राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) लगातार बड़ी कार्रवाई कर रही है। अब तक 45 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हुई हैं। SOG की टीम ने राजस्थान के अलावा कई अन्य राज्यों में भी छापेमारी अभियान चलाया है। जांच के दौरान कुछ ऐसे लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनका संबंध कोचिंग संस्थानों और परीक्षा से जुड़े नेटवर्क से बताया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार कई राज्यों तक फैले हो सकते हैं। सोमवार तक इस मामले में 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ ही गिरफ्तारियों और पूछताछ का दायरा बढ़ता गया। जांच एजेंसियों को कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इससे पेपर लीक से जुड़े बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि प्रश्नपत्र परीक्षा से पहले छात्रों तक कैसे पहुंचा। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि पेपर लीक संगठित तरीके से किया गया और इसमें कई लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब उन लोगों की भी पहचान कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर छात्रों तक पेपर पहुंचाने का काम किया। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। कई लोगों ने परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।

NEET परीक्षा में 22 लाख विद्यार्थियों ने भाग लिया था।

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 इस बार बड़े विवादों में घिर गई है। करीब 22 लाख छात्रों द्वारा दी गई इस परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है और कई एजेंसियां अलग-अलग एंगल से जांच में जुटी हुई हैं। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) इस मामले में दो प्रमुख पहलुओं पर फोकस कर रही है। पहला शक परीक्षा प्रश्नपत्र की प्रिंटिंग और प्रेस प्रक्रिया पर जताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का मानना है कि पेपर छपाई के दौरान सुरक्षा में बड़ी चूक हुई हो सकती है, जिसके चलते प्रश्नपत्र बाहर पहुंचा। दूसरा बड़ा एंगल पेपर सेटिंग प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि परीक्षा प्रश्नपत्र तैयार करने या उससे जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका भी इस लीक में हो सकती है। इसी वजह से उन लोगों की गतिविधियों और संपर्कों की भी जांच की जा रही है, जो परीक्षा प्रक्रिया से सीधे जुड़े थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। सीबीआई अब विभिन्न राज्यों में मिले इनपुट और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क को समझने की कोशिश कर रही है। एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि पेपर लीक किसी संगठित गिरोह द्वारा किया गया या इसमें अंदरूनी लोगों की मिलीभगत थी। पेपर लीक विवाद सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों में भारी चिंता का माहौल है। लाखों उम्मीदवारों का भविष्य इस परीक्षा पर निर्भर करता है, ऐसे में परीक्षा की निष्पक्षता पर उठे सवालों ने सभी को परेशान कर दिया है। अब सभी की नजरें जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

एक परीक्षा पत्र के जरिए कैसे हुआ लीक विवाद?

यह जानकारी दें कि आजतक ने NEET UG 2026 की परीक्षा को लेकर एक दिन पहले प्रश्न उठाए थे। इस बार विवाद कथित गेस पेपर से संबंधित है, जिस पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर सवाल खड़े किए जा रहे थे। सूचना है कि परीक्षा के पूर्व छात्रों के बीच एक गेस पेपर वितरित हुआ था, जिसमें से 720 में से लगभग 600 नंबर के प्रश्न वास्तविक परीक्षा से बिलकुल मिलते थे। 3 मई को आयोजित हुई NEET UG परीक्षा के बाद सामने आए इस दावे ने लाखों छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने जांच शुरू कर दी है. इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिले इनपुट के आधार पर SOG ने देहरादून, सीकर और झुंझुनूं में बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया था. हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में सीकर के एक प्रसिद्ध कोचिंग संस्थान से जुड़े करियर काउंसलर भी बताई जा रही हैं. जांच एजेंसियों को संदेह है कि परीक्षा से दो दिन पहले कथित गेस पेपर कुछ छात्रों के पास पहुंचा दिया गया था। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि प्रश्नपत्र के बहुत से सवाल कथित पेपर से समान हैं। SOG अब यह जानने का प्रयास कर रही है कि क्या यह महज संयोग था या परीक्षा से संबंधित किसी संगठित लीक या धोखाधड़ी का मामला है।

600 नंबर के 150 प्रश्न वैसा ही था पेपर में शामिल!

राजस्थान SOG की जांच में खुलासा हुआ है कि गेस पेपर में लगभग 410 सवाल थे. कहा जा रहा है कि इनमें से लगभग 150 सवाल जो कुल 600 मार्क्स के थे, बिल्कुल NEET UG 2026 परीक्षा पत्र में पूछे गए थे। NEET UG परीक्षा 720 अंकों की होती है और प्रत्येक प्रश्न 4 अंक का होता है, इसलिए इतने उच्च स्तर पर प्रश्नों का मिलना बहुत गंभीर समझा जा रहा है। जांच से संबंधित बताए जा रहे ‘क्वेश्चन बैंक’ का लिंक एक युवक से जुड़ा है, जो इस समय केरल के एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।

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